Monday, 26 January 2009

गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाएं

गणतंत्र दिवस पर आप सभी को शुभकामनाएं

Indian Flag


जियो जियो अय हिन्दुस्तान
रामधारी सिंह 'दिनकर'

जाग रहे हम वीर जवान,
जियो जियो अय हिन्दुस्तान !

हम प्रभात की नई किरण हैं, हम दिन के आलोक नवल,
हम नवीन भारत के सैनिक, धीर,वीर,गंभीर, अचल

हम प्रहरी उँचे हिमाद्रि के, सुरभि स्वर्ग की लेते हैं
हम हैं शान्तिदूत धरणी के, छाँह सभी को देते हैं
वीर-प्रसू माँ की आँखों के हम नवीन उजियाले हैं
गंगा, यमुना, हिन्द महासागर के हम रखवाले हैं

तन मन धन तुम पर कुर्बान,
जियो जियो अय हिन्दुस्तान !

हम सपूत उनके जो नर थे अनल और मधु मिश्रण,
जिसमें नर का तेज प्रखर था, भीतर था नारी का मन !
एक नयन संजीवन जिनका, एक नयन था हालाहल,
जितना कठिन खड्ग था कर में उतना ही अंतर कोमल।
थर-थर तीनों लोक काँपते थे जिनकी ललकारों पर,
स्वर्ग नाचता था रण में जिनकी पवित्र तलवारों पर
हम उन वीरों की सन्तान,
जियो जियो अय हिन्दुस्तान !

हम शकारि विक्रमादित्य हैं अरिदल को दलनेवाले,
रण में ज़मीं नहीं, दुश्मन की लाशों पर चलनेंवाले
हम अर्जुन, हम भीम, शान्ति के लिये जगत में जीते हैं
मगर, शत्रु हठ करे अगर तो, लहू वक्ष का पीते हैं
हम हैं शिवा-प्रताप रोटियाँ भले घास की खाएंगे,
मगर, किसी ज़ुल्मी के आगे मस्तक नहीं झुकायेंगे
देंगे जान , नहीं ईमान,
जियो जियो अय हिन्दुस्तान।

जियो, जियो अय देश! कि पहरे पर ही जगे हुए हैं हम
वन, पर्वत, हर तरफ़ चौकसी में ही लगे हुए हैं हम
हिन्द-सिन्धु की कसम, कौन इस पर जहाज ला सकता
सरहद के भीतर कोई दुश्मन कैसे आ सकता है ?
पर की हम कुछ नहीं चाहते, अपनी किन्तु बचायेंगे,
जिसकी उँगली उठी उसे हम यमपुर को पहुँचायेंगे
हम प्रहरी यमराज समान
जियो जियो अय हिन्दुस्तान!

रामधारी सिंह 'दिनकर'


प्रेषक- महावीर शर्मा

6 comments:

Vijay Kumar Sappatti said...

aadarniya mahaveer ji ,

aap ko gantantra divas ki shubkaamnaayen .. aaj aapne shri dinkar ji kikavitaon ko yahan dekar wakai mein gantantra manayaa hai .. dinkar ji rachnaayen amar hai , tatha deshbhakti se pari poorn hai ..

main dil se aapko dhanyawad deta hoon is post ke liye ..

aapka
vijay

Harkirat Haqeer said...

Aap ko bhi gantantra divas ki dheron shubkaamnaayen .....!!

PRAN SHARMA said...

RAMDHARI SINGH DINKAR JEE KEE KAVITA PADHKAR
BAHUT ACHCHHA LAGAA HAI.GANTANTR DIVAS KE
SHUBH AVSAR PAR AAP AUR SABKO BADHAAEE AUR
SHUBH KAMNA.

योगेन्द्र मौदगिल said...

वाह... महावीर जी, दिनकर दादा की इस कविता की शानदार प्रस्तुति के लिये आप को बधाई,,,,,,

दर्पण साह said...
This comment has been removed by the author.
दर्पण साह said...

Mahavir ji,
Pranam.
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